5月16日4时许,俄罗斯总统普京乘专机抵达北京。 राज्य ब्यूरो, रांची। विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के साथ-साथ अब प्रति कुलाधिपति भी होंगे। राज्यपाल विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति होंगे। वे दीक्षा समाराेह की अध्यक्षता करेंगे। वहीं, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के मंत्री प्रति कुलाधिपति होंगे। वे सीनेट की बैठक की अध्यक्षता भी करेंगे। राज्य सरकार द्वारा विधानसभा से पारित किए गए झारखंड विश्वविद्यालय विधेयक, 2025 में इसका प्रविधान किया गया है। विधानसभा से पारित विधेयक में राज्यपाल की शक्तियां घटाई गई हैं। यहां तक कि कुलपति और प्रतिकुलपति की नियुक्ति में भी उनकी कोई शक्ति नहीं रह गई है। वे केवल कुलपति की नियुक्ति के लिए गठित होनेवाली सर्च कमेटी में एक सदस्य का मनोनयन कर सकेंगे। विभाग के प्रधान सचिव या सचिव इस सर्च कमेटी के अध्यक्ष होंगे। अन्य दो सदस्यों में राज्य सरकार द्वारा मनोनीत उच्च शिक्षण संस्थान के निदेशक तथा यूजीसी के प्रतिनिधि होंगे।,इसमें यह भी प्रविधान किया गया है कि सर्च कमेटी द्वारा कुलपति की नियुक्ति के लिए तैयार किए जानेवाले पैनल के निर्णय में समान मत होता है तो अध्यक्ष यानी विभागीय सचिव को निर्णायक मत देने का अधिकार होगा। सर्च कमेटी द्वारा उपलब्ध कराए गए पैनल से राज्य सरकार कुलपति की नियुक्ति करेगी।,कुलपति पद के लिए आवेदन करनेवाले व्यक्ति की आयु 65 वर्ष से अधिक नहीं होगी। कुलपति की नियुक्ति तीन वर्ष के लिए होगी। राज्य सरकार चाहे तो उसका तीन वर्ष का कार्यकाल संतोषजनक पाए जाने पर उसे अधिकतम दो वर्ष तक के लिए सेवा विस्तार दे सकेगा।,यदि उसकी आयु 70 वर्ष से अधिक न हो। विधेयक में यह भी प्रविधान किया गया है कि कुलपति की संबंधित विश्वविद्यालय में पुनर्नियुक्ति नहीं होगी। हालांकि वह अन्य विश्वविद्यालय में कुलपति नियुक्ति के लिए पात्र होगा। विश्वविद्यालयों में अब कई निदेशक के पद होंगे। अंगीभूत कालेजों के नियमन के लिए निदेशक, क्षेत्रीय केंद्रों के लिए भी निदेशक होंगे। इसी तरह, विश्वविद्यालय के अन्य कार्यों के निष्पादन के लिए भी निदेशक नियुक्त होंगे।。应国家主席习近平邀请,俄罗斯总统普京于5月16日至17日对中国进行国事访问。 图片来源:央视新闻两国元首将就中俄建交75周年背景下双边关系、各领域合作以及共同关心的国际地区问题交换意见,推动中俄新时代全面战略协作伙伴关系健康发展。普京此次访华有哪些看点?中俄关系将迎来怎样的新篇章?释放哪些信号?2000年普京首次以总统身份访问中国,2018年普京再次就任总统后,首次出访的国家同样是中国。这次普京再次将首站定在中国,释放了哪些信号?从时间安排来看,普京访华的消息虽早已传出,但这次在就职仪式结束一周后就访华,足见其对俄中关系的高度重视。不仅如此,这次访华,是普京自去年10月来华出席第三届“一带一路”国际合作高峰论坛后,时隔半年再次访华,也是他第20次访问中国。据统计,这十多年来,习近平主席和普京总统在双边和多边场合会晤超过40次。如此高水平、高频率、高质量的元首外交,在大国交往中绝无仅有,不仅书写了中俄交往史上新的佳话,更有力引领两国关系迈入历史最好时期。从访问性质来看,根据外交部发布的消息,普京此次是国事访问。